मुख्यमंत्री का सपना छत्तीसगढ़ राज्य को मेगा फ़ूड पार्क बनाने की योजना।
इमली प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण आयोजित
इमली प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण आयोजित
भानुप्रतापपुर । पूर्व वन मंडल के अंतर्गत आज बुधवार को कार्यालय सभागार में 10 महिला स्व सहायता समूह के लगभग 100 महिलाओं को वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से इमली प्रसंस्करण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। जहाँ पर कोरेन के चलते सोशल डिस्टेंस भी देखने मिला ।
आर सी दुग्गा वनमंडलाधिकारी पूर्व भानुप्रतापपुर ने
समूह की महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह आप लोगो के लिये आगे बढ़ने का बहुत बड़ा अवसर है। हमारे क्षेत्र के जंगल मे चार गुठली, महुआ,टोरा सहित कई प्रकार के वनोपज का भंडार होने के बावजूद भी इसका लाभ अन्य राज्य व व्यापारी वर्ग ले रहे है और हम आज भी वही के वही। राज्य सरकार के द्वारा वनवासियों का लाभान्वित करने के उद्देश्य से ही वन-धन योजना प्रारंभ की गई है इस कार्य को सफल बनाने पूरा प्रशासन लगा हुआ है ताकि वनोपज का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिल सके ।
समूह की महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह आप लोगो के लिये आगे बढ़ने का बहुत बड़ा अवसर है। हमारे क्षेत्र के जंगल मे चार गुठली, महुआ,टोरा सहित कई प्रकार के वनोपज का भंडार होने के बावजूद भी इसका लाभ अन्य राज्य व व्यापारी वर्ग ले रहे है और हम आज भी वही के वही। राज्य सरकार के द्वारा वनवासियों का लाभान्वित करने के उद्देश्य से ही वन-धन योजना प्रारंभ की गई है इस कार्य को सफल बनाने पूरा प्रशासन लगा हुआ है ताकि वनोपज का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिल सके ।
उन्होंने कहा कि वन धन केंद्र के तहत गांव के चयनीत प्रशिक्षित
स्थानीय 10 महिला समुह के 100 से अधिक महिलाओ को इमली प्रसंस्करण कार्य के तहत इमलीफूल बनाने का काम कर रही है, इसमें इमली बीज एवं इमली रेसा को भी अलग अलग करने का काम कर रही है। इमली फूल के प्रत्येक किला पर उन महिलाओं को शासन द्वारा 5 रुपये 50 पैसा निर्धारित की गई है। गरियाबंद, बालोद, धमतरी, नारायणपुर, पशिचम भानुप्रतापपुर जिला यूनियन स भी यहाँ पर हजारों क्विंटल इमली आने वाले है जिनका प्रसंस्करण का कार्य यही से ही किया जाना है। इस कार्य से ये महिलाएं लाखो रुपये कमा सकती है। वही आगामी दिनो में यहा पर चार गुठली पर भी कार्य करने की योजना बनाई जा रही है।
पी सिंग उप वनमंडलाधिकारी ने महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि कार्य के दौरान एक दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाए मास्क का उपयोग करे आप सुरक्षित रहेंगे तो देश सुरक्षित होगा और काम भी अच्छे से होंगे। इमली प्रसंस्करण कार्य योजना का शुभारंभ कल से किया गया है आज दूसरा दिवस है। कार्य को ओर अच्छे से किया जा सके ग्रेडिंग,आमदनी इसके लिये आज प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री का सपना है कि छत्तीसगढ़ राज्य को मेगा फ़ूड पार्क बनाने की है। इस कार्य की जिम्मेदारी आप लोगो के कंधों पर है। अपना समझ कर कार्य कीजिए निश्चित ही आप लोगो को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इमली प्रसंस्करण के तहत महिला समूहो को प्रति किला 5 रुपये 50 पैसे तो मिलेंगे वही ग्रेडिंग,अनुपात मात्रा के साथ ही बोनस राशि की जानकारी दी। क्योंकि साफ सुखी ईमली फूल के पैकिंग कर अच्छे मूल्य पर विक्रय किया जायेगे। इनके अलावा इमली गुठली 13 रुपये प्रति किला व इमली रेसा का 3 से 4 रुपये के दर से बिक्री की जावेगी।
गौरव तिवारी कांकेर ने प्रोजेक्टर के माध्यम से समूहों को विस्तार पूर्वक से इमली प्रसंस्करण की जानकारी देते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में वनोपज का भंडार होंने के बावजूद भी लाभ नही उठा पा रहे है। इमली संग्रहण की बात करे तो प्रदेश में अब तक 45 हजार क्विंटल का संग्रहण किया जा चुका है जिसमे 25 हजार क्विंटल कोंडागांव, नारायणपुर व भानुप्रतापपुर से किया गया है। पहले वनोपज को उठाकर बेच देते थे लेकिन इस बार प्रसंस्करण कर अच्छे दामो पर बेचे जाने की योजना है।
इस अवसर पर ललित दुबे एसडीओ ,देव लाल दुग्गा वन परिक्षेत्र दुर्गुकोंदल मुकेश नेताम वन परिक्षेत्र भानुप्रतापपुर,कमल सिंह नरेटी उप परिक्षेत्र अधिकारी भानुप्रतापपुर सहित वन कर्मचारी उपस्थित रहे।

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