Tuesday, April 7, 2020

भानुप्रतापपुर


स्थानीय प्रशासन के मदद से 6 परिवार को पंचायत भवन में दिया आश्रय

 राशन सहित अन्य जरूरी समानो का वितरण

भानुप्रतापपुर। लॉक डाउन के चलते गत दिनों झाड़ू बनाकर जीवननिर्वाह करने वाले बिलासपुर क्षेत्र के 6 प्रवासी परिवार के २५ सदस्यो को एसडीएम,व तहसीलदार  भानुप्रतापपुर के मदद से कुर्री पंचायत भवन में ठहराया गया है। राशन सहित जरूरी समान भी वितरण किया गया।
एसडीएम प्रेमलत्ता मंडावी, तहसीलदार आनंदराम नेताम एवं खाद्य निरीक्षक भानुप्रतापपुर पूजा मेडम से चर्चा के दौरान जानकारी सामने आई है
इन सभी प्रवासियों को शासन के योजनाओं द्वारा ki और  पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से उन्हें राशन भी उपलब्ध कराया गया है। वही  आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मदद  भी दिए जाने बात कही गई। 25 सदस्य इस परिवार में ११ सदस्य ५ वर्ष से कम उम्र के है। यह परिवार लॉक डाउन होने के कारण बिलासपुर, अपने घर नहीं जा पा रहे है। 
प्रदान संस्था एवं बिहान परियोजना अंतर्गत बने स्व सहायता समूह द्वारा कैंप में भ्रमण कर इन परिवारों की अतिरिक्त आवश्यकताओं पे चर्चा कि गई । महिलाओं एवं बच्चो के सुपोषण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया। सरपंच, वरिष्ठ ग्रामीण के मदद से खाद्य सामग्री का वितरण किया गया l वितरण किए गए सामग्री में दाल, सोयाबीन बड़ी, तेल, आलू, प्याज़, मसाला दिया गया, साथ ही साफ़ सफ़ाई को मद्दे नज़र रखते हुए साबुन भी दी गयी l एक दीदी जिनका प्रसव २ माह पहले सीजेरियान द्वारा हुई थी उसके व्यक्तिगत माँग पर २ किलो आंटा अलग से दी गयी l

एस.डी.एम के मार्गदर्शन पर 
बिहान समूह का सराहनीय कार्य

 स्थानीय प्रशासन के मदद से अन्य जगहों पर भी चिन्हांकन कर बिहान स्वयं सहायता समूह एवं प्रदान संस्था द्वारा मदद कि जा रही है।एस.डी.एम भानुप्रतापपुर एवं तहसीलदार के मार्गदर्शन मे किया गया है। ये संस्था पहले भी पिछड़े हुए गाँव में डिजिटल बैंक, कैश उपलब्धता जैसी सुविधा पहुचाने का कार्य जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के अंतर्गत करती थी। वर्तमान Covid-19 की स्थिति में भी ग्रामीण क्षेत्रों में फँसें हुए प्रदेश एवं अन्य प्रदेश के लोगो की मदद करने में इन्होंने अपनी रुचि दिखाई।

No comments:

Post a Comment

छत्तीसगढ़ में पहली बार मियावकी पद्धति से पौधरोपण

पौधा लगाकर विधायक ने किया शुभारंभ,फिल्टर व कीट का वितरण भानुप्रतापपुर :- छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग के द्वारा राज्य का प्रथम मियावकी तकनीक से व...