वनवासियों के लिये वन विभाग का सराहनीय पहल
समूह के माध्यम से उन्हें आवश्यक सामग्रिया उपलब्ध कराये जा रहे
भानुप्रतापपुर। प्रदेश में 23 मार्च से ही लॉक डाउन के चलते रोजमर्रा सामग्रियों की किल्लत बनी हुई है, वही सुदूर अंचल के क्षेत्रों में स्थिति ओर भी खराब हो गई है। व्यापारी भी समय का फायदा उठाते हुए निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर सामग्री बेच रहे है। इन परिस्थितियो ग्रामीणों को लाभवन्तित करने के उद्देश्य से वन विभाग के द्वारा सराहनीय पहल वनोपज क्रय करने वाले हितग्राहियों को उचित दाम पर जरूर की सामग्रियों उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसा ही नजारा पूर्व वनमंडल भानुप्रतापपुर के परिक्षेत्र आमाबेड़ा में देखने को मिला है।
विदित हो कि वनवासियों को लाभवन्तित एवं उनके आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ही प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी वन-धन योजना हालही में शुरू की गई। योजना का क्रियान्वयन वन विभाग के स्व सहायता समूह के द्वारा संचालित किया जा रहा है।
विगत कुछ दिनों से ही कोरोना वायरस के चलते शहर ही नही अपितु ग्रामीण क्षेत्र भी लोग प्रभावित हो रहे है। बाजार बंद होने से जरूरत की सामग्रिया भी आसानी से नही मिल पा रहे है, यदि मिल भी रहा है तो वह भी कई गुना अधिक दाम पर बेच जा रहा है जिससे लोग परेशान दिखाई दे रहे है। इन सभी बातों को देखते हुए वन विभाग के द्वारा ग्रामीण सुदूर अंचल के वनवासियों के लिए जो वनोपज सामग्री क्रय कर रहे है उन्हें समूह के द्वारा निर्धारित मूल्य पर रोजमर्रा के सामग्रिया उपलब्ध कराए जा रहे है।
इस संबंध में अधिकारी आर सी दुग्गा वनमंडलाधिकारी पूर्व वन मंडल भानुप्रतापपुर से चर्चा के दौरान बताया कि करोना वायरस महामारी के कारण लॉक डाउन की स्थिति है, जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में आलू प्याज व सब्जियों की बहुत ज्यादा किल्लत हो रही है जो उपलब्ध भी है उसे दुकानदारों के द्वारा मूल्य से अधिक रेट में बेचा जा रहे हैं जिसे देखते हुए हमारे स्व सहायता समूह के द्वारा उन ग्रामीणों को जो वन उपज के बदले में आलू प्याज जैसे सब्जियों को निर्धारित मूल्य दिया जा रहा है यह सभी सब्जियां मार्केट से लेकर समितियों तक हमारे कर्मचारियों के द्वारा पहुंचाया जा रहा है।
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